
कोटा। वेस्ट सेंट्रल रेलवे एम्पलॉइज यूनियन द्वारा पश्चिम मध्य रेलवे में कोविड-19 को लेकर रेलकर्मियों के अवकाश के लिये दिशा-निर्देश जारी किये जाने की मांग लगातार उठायी जा रही थी। जिसके बाद पश्चिम मध्य रेलवे प्रबंधन ने 30 जून को रेलकर्मियों के लिये लॉकडाउन और क्वारंटाइन अवधि के अवकाश [ Quarantine leave in railways ] के लिये निर्देश जारी कर दिये हैं. जिसके बाद क्वारंटाइन हुये रेलकर्मियों की क्वारंटाइन लीव को स्पेशल कैज्युअल लीव माना जायेगा।
वेस्ट सेंट्रल रेलवे एम्पलॉइज यूनियन के महामंत्री मुकेश गालव ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिये 25 मार्च को पूरे देश में लॉकडाउन लागू किया था. जो कुछ छूटों के साथ अब भी लागू है. इस दौरान अनेक रेलकर्मी निजी अथवा कार्यालयीन कार्य से मुख्यालय से बाहर रहे और लॉकडाउन में फंस गये थे। इसके अलावा लॉकडाउन में मिली छूट के बाद दूसरे शहरों में फंसे रेलकर्मियों के वापस मुख्यालय लौटने पर केंद्र सरकार के नियमानुसार और रेलवे चिकित्सालय के डॉक्टर्स के निर्देश पर 14 दिन तक उन्हें क्वारंटाइन में रहना पड़ा।
ऐसी स्थिति में कर्मचारियों को किस तरह का अवकाश दिया जायेगा, इसे लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई थी. इसे लेकर पमरे प्रबंधन से लगातार स्थिति स्पष्ट करने की मांग की जा रही थी. यूनियन की मांग पर पमरे प्रबंधन ने मंगलवार को एक आदेश जारी कर स्पष्ट कर दिया कि लॉकडाउन में फंसे और क्वारंटाइन किये गये रेलकर्मियों के अवकाश को स्पेशल कैज्युअल लीव [ Quarantine leave in railways ] माना जायेगा।
वेस्ट सेंट्रल रेलवे एंप्लाइज यूनियन के मंडल उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन ने बताया कि यूनियन के महामंत्री मुकेशगालव के द्वारा महाप्रबंधक को इस बारे में लिखे पत्र पर संज्ञान लेते हुए मुख्य कार्मिक अधिकारी पूर्णिमा जैन ने आदेश जारी कर दिए हैं।


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