बून्दी /हिन्डोली। दिनांक 24-5-2020. राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) के प्रदेश महामंत्री घनश्याम शर्मा (अटल) ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री तथा संगठन के प्रशासनिक अध्यक्ष सियाराम शर्मा को पत्र भेजकर प्रधानाचार्य पदोन्नति में स्कूल व्याख्याता के पुराने नियमों में संशोधन करने की माँग की है।
पुराना फार्मुला न्यायसंगत नहीं
प्रदेश महामंत्री घनश्याम शर्मा अटल व जिलाध्यक्ष महावीर प्रसाद शर्मा ने बताया कि प्रधानाचार्य पद पर व्याख्याता स्कूल शिक्षा, प्रधानाध्यापक माध्यमिक विद्यालय से 67:33 के अनुपात में पदोन्नति की जाती है। जब यह प्रावधान लागू हुआ उस समय प्रदेश भर में 23 हजार व्याख्याता तथा 9 हजार प्रधानाध्यापक थे। किन्तु मौजूदा समय में 54 हजार व्याख्याता और 3500 प्रधानाध्यापक हैं। पदोन्नति में संख्या अनुपात में पुराना फार्मुला न्यायसंगत नहीं है। इस कारण पदोन्नति नियमों वर्तमान संख्या अनुपात के आधार पर नियमों में संशोधन किया जाये।
अजमेर CDEO द्वारा मुकदमा दर्ज करवाने की घोर निन्दा
प्रदेश महामंत्री घनश्याम शर्मा अटल, जिलाध्यक्ष महावीर प्रसाद शर्मा, जिला मंत्री अशोक नागर, जिला कोषाध्यक्ष हरीश कुमार दुबे, जिला उच्च शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा प्रतिनिधी जयप्रकाश शर्मा, प्रदेश महिला कार्यकारिणी सदस्य श्रीमती मधु बाला व्यास, श्रीमती गणेश कँवर गूर्जर, कन्हैया लाल सैनी आदि पदाधिकारियों ने अजमेर के मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा संगठन के पदाधिकारियों के खिलाफ बेवजह मुकदमा दर्ज करवाने की भी घोर निन्दा की है, इन्होंने बताया कि संगठन के पदाधिकारी कोरोना महामारी ड्यूटी में लगातार तीन माह से लगे हुए शिक्षकों को ग्रीष्मावकाश में मुक्त करवाने हेतु मिले थे। हम ऐसे जिला शिक्षा अधिकारी को निलम्बित करने एवं झूँठे मुकदमें को वापस लेने की माँग मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री तथा संगठन के प्रशासनिक अध्यक्ष सियाराम शर्मा से करते हैं।
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