कोटा। केन्द्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते एवं सेवानिवृत कर्मचारियों के महंगाई राहत को जुलाई 2021 तक फ्रीज करने के केन्द्र सरकार के निर्णय के विरोध पर वेस्ट सेन्ट्रल रेलवे एम्पलाईज यूनियन द्वारा 04 से 17 मई तक प्रधानमंत्री को ईमेल भेेजे जा रहे हैं।
वेस्ट सेन्ट्रल रेलवे एम्पलाईज यूनियन के महामंत्री मुकेश गालव ने बताया कि डब्ल्यूसीआरईयू द्वारा प्रधानमंत्री भारत सरकार को 50 हजार ईमेल भेजकर केन्द्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते तथा सेवानिवृत कर्मचारियो के महंगाई राहत को रोके जाने के अनैतिक निर्णय को वापस लिये जाने में आज 16 मई को पूरे कोटा मंडल की समस्त शाखाओं द्वारा 700 ईमेल प्रधानमंत्री, रेलमंत्री, वित्तमंत्री एवं एआईआरएफ को भेजे गए। इसी तरह भोपाल से 700 ईमेल तथा जबलपुर मंडल द्वारा 700 ई-मेल किये गये। आज कार्यरत रेलकर्मचारियों के साथ-साथ सेवानिवृत रेलकर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर अपने मोबाईल से प्रधानमंत्री को ईमेल कर महंगाई राहत के इस अनैतिक निर्णय को वापस लेने का आग्रह किया।
गालव ने समस्त रेलकर्मचारियों व सेवानिवृत रेलकर्मचारियों से अपील की है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में प्रधानमंत्री को ईमेल कर महंगाई भत्ता व मंहगाई राहत का अनैतिक निर्णय वापस लिया जाये।
गालव ने बताया कि इस कोरोना महामारी में कार्यरत रेलकर्मचारी दिन-रात मौत की परवाह किये बगैर 24 घंटे अपनी सेवाएं देने का कार्य कर रहे हंै एवं पूरे देश को दिन-प्रतिदिन की खाद्य सामग्री, दवाईयां, मेडीकल उपकरण, बिजली घरों का कोयला, आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति कर रहे हैं ऐसे संकट के समय कर्मचारियों को प्रोत्साहन देने की बजाय मंहगाई भत्ते की आर्थिक कटौती करने का अनैतिक निर्णय लिया है। इस अनैतिक निर्णय से सभी रेलकर्मचारियों व सेवानिवृत रेलकर्मचारियों में भारी आक्रोश है।
वेस्ट सेन्ट्रल रेलवे एम्पलाईज यूनियन के महामंत्री मुकेश गालव ने बताया कि डब्ल्यूसीआरईयू द्वारा प्रधानमंत्री भारत सरकार को 50 हजार ईमेल भेजकर केन्द्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते तथा सेवानिवृत कर्मचारियो के महंगाई राहत को रोके जाने के अनैतिक निर्णय को वापस लिये जाने में आज 16 मई को पूरे कोटा मंडल की समस्त शाखाओं द्वारा 700 ईमेल प्रधानमंत्री, रेलमंत्री, वित्तमंत्री एवं एआईआरएफ को भेजे गए। इसी तरह भोपाल से 700 ईमेल तथा जबलपुर मंडल द्वारा 700 ई-मेल किये गये। आज कार्यरत रेलकर्मचारियों के साथ-साथ सेवानिवृत रेलकर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर अपने मोबाईल से प्रधानमंत्री को ईमेल कर महंगाई राहत के इस अनैतिक निर्णय को वापस लेने का आग्रह किया।
गालव ने समस्त रेलकर्मचारियों व सेवानिवृत रेलकर्मचारियों से अपील की है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में प्रधानमंत्री को ईमेल कर महंगाई भत्ता व मंहगाई राहत का अनैतिक निर्णय वापस लिया जाये।
गालव ने बताया कि इस कोरोना महामारी में कार्यरत रेलकर्मचारी दिन-रात मौत की परवाह किये बगैर 24 घंटे अपनी सेवाएं देने का कार्य कर रहे हंै एवं पूरे देश को दिन-प्रतिदिन की खाद्य सामग्री, दवाईयां, मेडीकल उपकरण, बिजली घरों का कोयला, आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति कर रहे हैं ऐसे संकट के समय कर्मचारियों को प्रोत्साहन देने की बजाय मंहगाई भत्ते की आर्थिक कटौती करने का अनैतिक निर्णय लिया है। इस अनैतिक निर्णय से सभी रेलकर्मचारियों व सेवानिवृत रेलकर्मचारियों में भारी आक्रोश है।
News Portal for Govt Employees Employee News of Rajasthan Governemnt
